हरियाणा में लोकसभा चुनाव के बीच नेताओं को किसानों का विरोध झेलना पड़ रहा है। पूर्व गृहमंत्री और छावनी से विधायक अनिल विज भी इससे अछूते नहीं रहे। विज अंबाला छावनी विधानसभा क्षेत्र के पंजोखरा गांव में प्रचार के लिए पहुंचे थे, जहां किसानों ने उन्हें रोक लिया और एक के बाद एक प्रश्न करने लगे।
किसानों ने विज से पूछा कि जब वे शांति से दिल्ली जा रहे थे, तो उन पर गोलियां क्यों चलवाई गईं और बैरिकेडिंग क्यों लगाई गई। इस पर विज ने कहा, "मैं उस समय गृहमंत्री था, मैं भाग नहीं सकता हूं। मैं अपनी जिम्मेदारी लेता हूं। हमने गोली चलाई या नहीं चलाई, लेकिन मैं गृहमंत्री था।"
किसानों ने आरोप लगाया कि आंसू गैस के गोले छोड़े गए और पानी की बौछारें मारी गईं। उन्होंने विज से पूछा, "आज आपकी सरकार है, तो एक भी व्यक्ति को चंडीगढ़ जाना हो या अस्पताल जाना हो, रास्ता क्यों नहीं खोल दिया जाता ?"
इस पर विज ने कहा, "आपने रोका मैं भागा तो नहीं। दूसरे नेताओं की तरह मैं भागा तो नहीं, आप हम एक ही हैं। हमारे मुद्दे अलग-अलग हो सकते हैं, मगर हम एक हैं।" उन्होंने स्पष्ट किया, "मैं तो अब सिर्फ एमएलए हूं। मैं तो आपके काम करने के वास्ते एमएलए हूं।"
विज ने किसानों से पूछा, "क्या आप मानते हैं कि मैंने काम किए हैं?" इस पर किसानों ने स्वीकार किया कि उन्होंने काम किए हैं। यह घटना उस समय हुई जब नेता चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं और किसानों का विरोध भी जारी है।
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