उत्तरी भारत गर्मी की लहर से त्रस्त है। कई शहरों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है। राजधानी दिल्ली समेत पूरे क्षेत्र में पिछले कई दशकों के सभी रिकॉर्ड टूट चुके हैं। लू की चपेट में आकर लोगों की हालत काफी खराब हो गई है।
पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 48 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया। फरीदकोट में 47.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया जो 1978 के रिकॉर्ड से महज 0.3 डिग्री कम है। बठिंडा का तापमान 46.9 डिग्री पर पहुंच गया। इन राज्यों ने मई महीने के तापमान के कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए।
हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ में मई महीने का सर्वाधिक तापमान 44.5 डिग्री दर्ज किया गया। यहां मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए हीटवेव का रेड अलर्ट जारी किया है। पड़ोसी सिरसा और हिसार जैसे शहर भी इस गर्मी से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
दिल्ली वालों के लिए भी यह गर्मियां काफी कष्टप्रद साबित हो रही हैं। राष्ट्रीय राजधानी में भीषण गर्मी के चलते कई लोग बीमार पड़ गए हैं। अस्पतालों में गर्मी से संबंधित मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है।
मौसम विभाग ने बताया कि अगले 2-3 दिनों में गर्मी और बढ़ने की आशंका है। ऐसे में लू से राहत मिलना मुश्किल नजर आ रहा है। लोगों से घरों में रहने और पानी पीने की अपील की जा रही है।
इस गर्म मौसम में गरीब और बेघर लोगों की हालत काफी खराब हो गई है। शाम होते ही शहरों के रास्ते पानी से भर जाते हैं क्योंकि लोग गरमी से राहत पाने के लिए नलों का पानी बाहर छोड़ देते हैं। इस कारण सड़कों पर भीषण जलजमाव देखने को मिल रहा है।
इतनी भीषण गर्मी से लोगों को कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। उम्मीद की जा रही है कि अगर जल्द ही मानसून शुरू हो जाता है, तो उत्तरी हिस्से में भी राहत मिलेगी। वरना यह गर्मी लोगों के लिए महंगी साबित हो सकती है।
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