हरियाणा के जिला कैथल में ट्रैफ़िक नियमों को लेकर जहां पुलिस चालान काटती नज़र आती है तो वहीं एक पुलिस वाला बेटियों की सुरक्षा के लिए इतना सजग है कि उसने 'डॉटर विद हेलमेट' के नाम से मुहिम चला दी। पुलिसमैन रामलाल के द्वारा साल 2006 में चलायी गई ये मुहिम इतनी कारगर साबित हुई थी बेटियों ने बढ़ चढ़कर इस मुहिम का हिस्सा बन हेलमेट पहनना शुरू कर दिया, इस मुहिम के तहत रामलाल ने हज़ारों हेलमेट भी बेटियों को बांटे। इस मुहिम के माध्यम से उनका मकसद यही है कि हेलमेट के द्वारा बेटियों की जान बचाई जा सकें और सड़क दुर्घटना में कोई बेटी ने अपनी जान न गँवाएँ।
हेलमेट पहनाकर आठवां फेरा दिलाया
साल 2018 के बाद सब इंस्पेक्टर रामलाल ने इस मुहिम में एक नई कड़ी जोड़ते हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शादी वाले जोड़ों को हेलमेट पहनाकर आठवां फेरा दिलाया और बेटियों को सदा सुहागन रहने का आशीर्वाद दिया। बेटियों की सुरक्षा के लिए सब इंस्पेक्टर रामलाल अपने ड्यूटी टाइम से समय निकालकर बेटियों को जागरूक करते रहते हैं व सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले अन्य लोगों को भी बड़े प्यार से समझाते हैं ताकि किसी दुर्घटना में उनकी जान न जाए।
सड़क हादसों में किसी की जान न जाए
हरियाणा पुलिस में कार्यरत सब इंस्पेक्टर रामलाल ने दुनिया की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट पर भारत का तिरंगा लहराकर फतह हासिल की है व अंडरवाटर साइकिलिंग में भी वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया है। हरियाणा पुलिस में काम करते हुए अब रामलाल सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करते नज़र आते हैं व नशे के खिलाफ भी उन्होने मुहिम छेड़ रखी है, ताकि कोई युवा नशे के जाल में न फंसें। सब इंस्पेक्टर रामलाल का यही मकसद रहता है कि सड़क हादसों में किसी की जान न जाए, खासकर बेटियों की सुरक्षा को लेकर वो काफ़ी सजग रहते हैं।
उनकी आँखों के सामने स्कूटी चालक एक महिला की मौत हो गई थी
क्योंकि अगर देखा जाए ज्यादातर महिलाएं दुपहिया वाहन चलाते वक्त हेलमेट नहीं पहनती थी तो इसको लेकर रामलाल ने मुहिम चलाते हुए लगातार बेटियों को जागरूक करने का काम किया है। रामलाल ने यह भी बताया कि एक सड़क दुर्घटना में उनकी आँखों के सामने स्कूटी चालक एक महिला की मौत हो गई थी, जिसने हेलमेट नहीं पहना था। जिसके बाद से उन्होंने 'डॉटर विद हेलमेट' मुहिम चलायी और बेटियों की सुरक्षा में एक एक नई पहल शुरू की।