पलवल के नगर परिषद कार्यालय में कर्मचारियों ने पार्षदों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों को आरोप है कि पार्षदों द्वारा उनके साथ गाली गलौज और हाथापाई की गई। इतना ही नहीं उन्हें जाति सूचक शब्दों से अपमानित भी किया गया। इस मामले की लिखित शिकायत भी कर्मचारियों ने कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद को दे दी है। कर्मचारियों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर पार्षदों ने उनसे माफी नहीं मांगी। तो वह अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
नगर परिषद कर्मचारी जितेंद्र भाटी का कहना है कि नगर परिषद पालिका अभियंता विनोद गुप्ता के द्वारा उन्हें सोनालिका ट्रैक्टर एजेंसी नजदीक किठवाड़ी चौक पलवल बुलाया गया और कहा गया कि सभी चालकों को भी साथ लेकर आना, वहां पहुंचने पर उससे कहा गया कि पेपर चेक कर लिए गए हैं। आप रिसीव करके अपनी देखरेख में ट्रैक्टरों को ले जाना और मीटिंग में जाने की बात कहकर वहां से चले गए।
इस दौरान नगर परिषद के चैयरमेन यशपाल के साथ पार्षद प्रतिनिधि तेजपाल तेवतिया, पार्षद दीपचंद, पार्षद जितेंद्र तेवतिया, पार्षद अनिल नागर और वाइस चेयरमैन मनोज बंधु वहां पर आ गए। इस दौरान पालिका अभियंता का फोन आया उनके द्वारा फोन पर डिलीवरी लेने से मना कर दिया गया। उसके बावजूद पार्षद ट्रैक्टरों की डिलीवरी लेने पर अड़िग हो गए। उसके द्वारा बार-बार समझाया गया कि आप एक बार पालिका अभियंता से बात कर लो परंतु वह नहीं माने।
आरोप है कि इस दौरान दीपचंद पार्षद व पार्षद अनिल नागर ने उसके साथ गाली गलौज करनी शुरू कर दी और हाथापाई करने लगे तथा जान से मारने की धमकी देने लगा। उसके साथ मौजूद सत्यनारायण कार्यवाहक सफाई दरोगा टेकचंद शर्मा कार्यवाहक जेसीबी चालक के साथ भी अभद्र व्यवहार किया तथा सत्यनारायण कार्यवाहक सफाई दरोगा को जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया। उन्होंने उन्हें रोकने का प्रयास भी किया परंतु वह उन्हें गाली गलौज करके वहां खड़े सभी ट्रैक्टरों को बिना चाबी के शुरू करके ले गए। इसके अलावा इसकी सूचना देने के लिए जब वह नगर परिषद पलवल कार्यालय में आया तो वहां पर उक्त पार्षदों द्वारा उसके साथ गाली गलौज की गई और उसे मारने पर उतारू हो गए।
जिसकी शिकायत उन्होंने कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद पलवल को दे दी है और मांग की है कि पार्षद प्रतिनिधि तेजपाल तेवतिया, पार्षद दीपचंद, पार्षद जितेंद्र तेवतिया और पार्षद अनिल नगर के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कर्मचारियों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर पार्षदों ने उनसे माफी नहीं मांगी। तो वह अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। वही पार्षदों ने कर्मचारियों द्वारा उन पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। पार्षद दीपचंद ने कहा उल्टा कर्मचारियों ने उनके साथ बदतमीजी की थी। जिसका विरोध उनके साथी पार्षद अनिल नागर ने किया था।
वहीं नगर परिषद चेयरमैन यशपाल का कहना है कि वह दोनों पक्षों की बातें सुनकर ही इस मामले में कोई उचित कदम उठाएंगे। अब ऐसे में देखने वाली बात तो यह होगी कि क्या नगर परिषद चेयरमैन पार्षद और कर्मचारियों के बीच हुए इस विवाद को शांत करा पाते हैं या फिर कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाते हैं।