भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) की हरियाणा इकाई ने कहा कि योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों को लंबित प्रतिपूर्ति के मुद्दे पर सभी अनुबंधित अस्पतालों ने सर्वसम्मति से आज रात से आयुष सेवाएं निलंबित करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से प्रदेश के 600 से अधिक और गुरुग्राम के लगभग 40 छोटे-बड़े निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारकों को अब मुफ्त या रियायती इलाज नहीं मिल पाएगा। इसके लिए आईएमए ने दिशा निर्देश भी जारी किया है।
उन्हें कल 245 करोड़ मिले
आज टीम आईएमए हरियाणा की एक ऑनलाइन बैठक एसीएस स्वास्थ्य सुधीर राजपाल और आयुष्मान भारत हरियाणा हेल्थ अथॉरिटी के पदाधिकारियों के साथ हुई। आईएमए की ओर से, इसमें अध्यक्ष डॉ एमपी जैन, आईपीपी डॉ अजय महाजन, निर्वाचित अध्यक्ष डॉ सुनीता सोनी, सचिव डॉ धीरेंद्र के सोनी और आयुष्मान समिति के अध्यक्ष डॉ सुरेश अरोड़ा शामिल हुए। उन्होंने हमें बताया कि उन्हें कल 245 करोड़ मिले हैं, जिनमें से 175 करोड़ इस तिमाही के बजट के रूप में हरियाणा सरकार और 70 करोड़ केंद्र सरकार के हिस्से के हैं।
मने MOU की याद दिलाते हुए देरी से भुगतान पर अनुबंध के अनुसार ब्याज देने की मांग की
उन्होंने इसे कत से FIFO मोड पर वितरित करना शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया की इस समय प्राइवेट अस्पतालों का लगभग 490 करोड़ बकाया है। जब हमने इस धनराशि को अपर्याप्त बताया तो उन्होंने कहा कि वे 22 अगस्त को हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में अनुपूरक बजट की मांग रखेंगे। वे यह नहीं बता पाए कि वे कितना बजट मांगेंगे या प्राप्त करेंगे। हमने MOU की याद दिलाते हुए उन्हें देरी से भुगतान पर अनुबंध के अनुसार ब्याज देने की मांग की, लेकिन उन्होंने फिर दोहराया कि दंडात्मक ब्याज नहीं दिया जा सकता।
एनएचए ने पहले ही इसका भुगतान कर दिया
पोर्टल द्वारा स्वचालित रूप से प्रत्यारोपण आदि की कटौती पर उन्होंने फिर कहा कि एनएचए ने पहले ही इसका भुगतान कर दिया है। हमने उनसे मामलों की सूची मांगी। उन्होंने कहा कि वे संबंधित अस्पतालों को सूची भेज देंगे। अस्पतालों ने इस भुगतान की प्राप्ति से इंकार किया। इस सब वार्ता के बाद आईएमए हरियाणा ने सभी अनुबंधित अस्पतालों के साथ ऑनलाइन मीटिंग की। व्यापक बातचीत के बाद सभी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आज रात मध्यरात्रि से आयुष्मान सेवाओं को स्थगित कर दिया जाये।
लंबित सभी भुगतानों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करेगी
स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने बताया कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ एक विस्तृत बैठक कर आयुष्मान भारत योजना के तहत लंबित भुगतानों को लेकर उनकी चिंताओं पर चर्चा की। प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार पैनल के अंतर्गत अनुबंधित अस्पतालों को भुगतान निरंतर जारी कर रही है और सभी लंबित मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
सरकार आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लंबित सभी भुगतानों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करेगी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से अपील करते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव ने हड़ताल के निर्णय पर पुनर्विचार करने को कहा। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित कर सकती है, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए।