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The Haryana Story | बारिश से पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक तबाही, दिल्ली-एनसीआर में यमुना से खतरा बरकरार

बारिश से पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक तबाही, दिल्ली-एनसीआर में यमुना से खतरा बरकरार

हरियाणा के पंचकूला, हिसार, रोहतक और झज्जर में सभी स्कूल बंद हैं, जबकि फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और फरीदाबाद में भी कुछ स्कूल बंद कर दिए गए हैं

बारिश से पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक तबाही आ गई है। दिल्ली-एनसीआर में लगातार बारिश के कारण यमुना नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इससे कई इलाकों में बाढ़ आ गई है। नोएडा में सेक्टर-135 और सेक्टर 151 डूब गए हैं। कई इलाके में 3 से 4 फीट पानी भरा है। हरियाणा के पंचकूला, हिसार, रोहतक और झज्जर में सभी स्कूल बंद हैं। फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और फरीदाबाद में भी कुछ स्कूल बंद कर दिए गए हैं। 

महिलाएं और बच्चे घरों में कैद

गुरुग्राम की सिग्नेचर ग्लोबल सलोरा सोसाइटी में गुरुवार को पानी भर गया। इससे महिलाएं और बच्चे घरों में कैद हो गए। राजस्थान के अजमेर में गुरुवार रात भारी बारिश के बाद बोराज तालाब की दीवार ढह गई। इससे 1 हजार से ज्यादा घरों में अचानक सैलाब आ गया। लोगों ने छतों पर जाकर जान बचाई। पानी का बहाव इतना तेज था कि कई गाड़ियां बह गईं। मकान क्षतिग्रस्त हो गए। देर रात तक लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चला। पंजाब में बाढ़ में मरने वालों की संख्या गुरुवार को बढ़कर 43 हो गई। 

मुंगेशपुर ड्रेन के ओवरफ्लो होने से बहादुरगढ़ शहर के कई इलाकों में जलभराव

लगातार बारिश और मुंगेशपुर ड्रेन के ओवरफ्लो होने से बहादुरगढ़ शहर के कई इलाकों में जलभराव है। स्थिति बिगड़ने पर प्रशासन ने सेना से मदद मांगी थी। शुक्रवार को सेना के 80 जवान बहादुरगढ़ पहुंचे। एसडीएम नसीब कुमार ने बताया कि सेना की तैनाती से राहत व बचाव कार्यों में तेजी आएगी। भाखड़ा डैम का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र एक फीट नीचे हिमाचल के ऊपरी क्षेत्रों में हो रही जोरदार बारिश व बादल फटने की घटनाओं के चलते भाखड़ा डैम के जल स्तर में तेजी से होती वृद्धि को देखते हुए बीबीएमबी मैनेजमेंट से चारों फ्लड गेट 9-9 फीट तक खोल दिए।

सतलुज दरिया के किनारे बसे निचले ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत

मिली जानकारी के अनुसार एक लाख से भी अधिक पानी की आमद के साथ भाखड़ा डैम का जलस्तर 1679 फीट पर पहुंच गया था। इस दौरान ट्रबाइनों व फ्लड गेटों के माध्यम से कुल 85 हजार क्यूसेक पानी की निकासी कर सतलुज दरिया के किनारे बसे निचले ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत मचा दी, हालांकि डीसी रूपनगर वर्जित वालिया और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने सुबह ही लोगों से अपने अपने घर छोड़ सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाने को कह दिया था। 

लगातार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया

हिसार, फतेहाबाद, सिरसा और चरखी दादरी जिलों में लगातार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। ड्रेन और नहरों के टूटने से कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, फसलें डूब गई हैं और कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है। हिसार जिले में घिराय, पातन और भिवानी रोहिल्ला के पास घग्गर ड्रेन के टूटने से करीब 300 एकड़ क्षेत्र में जलभराव हो गया। जिले में अब तक 61 हजार एकड़ फसलें जलमग्न हो चुकी हैं। 28 गांवों की बाहरी बस्तियों और ढाणियों में पानी भरा हुआ है, जबकि 34 स्कूलों के परिसर में जलभराव की स्थिति है। 

नाराज ग्रामीणों ने हिसार-सिवानी रोड पर जाम लगाकर विरोध जताया

रामगढ़ में जलभराव से नाराज ग्रामीणों ने हिसार-सिवानी रोड पर जाम लगाकर विरोध जताया। फतेहाबाद के भट्टूकलां में गांव रामसरा के पास हिसार मल्टीपर्पज चैनल ड्रेन टूटने से 700 एकड़ फसलें डूब गईं। करीब 15 ढाणियों में भी पानी भर गया। बचाव कार्य के दौरान ढिंगसरा गांव के मजदूर निगेह सिंह (42) की हार्टअटैक से मौत हो गई। भूना में बाढ़ जैसे हालात हैं, जहां दहमान गांव के 300 घरों में पानी घुस गया और 15 परिवारों को दूसरी जगह शरण लेनी पड़ी।

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