राजधानी दिल्ली में प्रतिष्ठित लाल किले के परिसर से कलश चोरी हो गया है, जिसकी कीमत लगभग एक करोड़ बताई गई है। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि लाल किला परिसर में चल रहे एक जैन धार्मिक अनुष्ठान से कलश चोरी हुआ है। अधिकारियों के अनुसार यह रत्नजड़ित कलश है और इसकी कीमत लगभग 1 करोड़ रुपए है। चोरी हुई वस्तुओं में लगभग 760 ग्राम वजन की एक बड़ी सोने की झारी, सोने से बना एक नारियल और हीरे, माणिक और पन्ने जड़ित एक छोटी झारी शामिल है। उल्लेखनीय है कि जैन धर्म में कलश स्थापना का खास महत्व होता है। कलश स्थापना का मकसद भगवान का आह्वान करने और पॉजिटिव और पवित्र ऊर्जा के संचार के लिए किया जाता है। इसको शुभता और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। कलश स्थापित करने से पूजा-पाठ और साधना को ज्यादा फलदायी बनाता है।
एक संदिग्ध व्यक्ति ने मौके का फायदा उठाकर कलश चोरी कर लिया और भाग गया
सूत्रों के मुताबिक जैन धर्म का धार्मिक समारोह 28 अगस्त से शुरू हुआ था और 9 सितंबर तक चलेगा। इसके लिए एक विशेष मंच तैयार किया गया था, जहां केवल धोती कुर्ता पहने लोगों व पूर्व प्रवेश पास वाले लोगों को ही व एंट्री की अनुमति थी। पुलिस ने बताया कि सिविल लाइंस निवासी कारोबारी सुधीर जैन हर रोज पूजा के लिए कीमती कलश लाते थे और पिछले मंगलवार को भी कलश लेकर पहुंचे थे। कलश मंच पर स्थापित कर दिया गया था। कार्यक्रम में लोक सभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने शिरकत करनी थी। आयोजक और श्रद्धालु उनके स्वागत में व्यस्त थे। इसी बीच धोती-कुर्ता पहने एक संदिग्ध व्यक्ति ने मौके का फायदा उठाकर कलश चोरी कर लिया और भाग गया।
संदिग्ध की गतिविधियां सीसीटीवी फुटेज में कैद
शुरूआत में उन्हें लगा कि कलश कहीं गुम हो गया होगा, लेकिन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब तलाशी शुरू हुई तो चोरी का खुलासा हुआ। चोरी की शिकायत मिलने पर कोतवाली थाने में ई एफआईआर दर्ज की गई। एसीपी शंकर बनर्जी की देखरेख में एक विशेष टीम का गठन किया गया है। जांच में पता चला कि संदिग्ध कई दिन से कार्यक्रम स्थल पर आ रहा था और श्रद्धालुओं से मिलता-जुलता था। अधिकारियों ने बताया है कि संदिग्ध की गतिविधियां सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई हैं और उसकी पहचान कर ली गई है और जल्द उसकी गिरफ्तारी हो सकती है।