करनाल जिला जेल में एक हवालाती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने का मामला सामने आया है। करीब 15 दिन पहले ही उसको 8 बोतल अवैध शराब रखने के आरोप में पकड़ा गया था और कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया था। मृतक की पहचान गुरु नानक पुरा निवासी चंदन (40) के रूप में हुई है। चंदन की मौत से परिजनों में गुस्सा है और उन्होंने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पत्नी ने कहा कि जब वह पूरी तरह ठीक था, किसी तरह की कोई बीमारी नहीं थी
चंदन की पत्नी का कहना है कि शराब उसके पति की नहीं थी, बल्कि मद्रासी मोहल्ले में रहने वाले अरुण नाम के युवक की थी। पुलिस ने झूठे आरोप में चंदन को पकड़ लिया और जेल भेज दिया। पत्नी ने कहा कि जब वह जेल गया था तब पूरी तरह ठीक था, किसी तरह की कोई बीमारी नहीं थी। लेकिन अचानक बीमार बताकर रात को अस्पताल लाया गया और सुबह उसकी मौत की खबर दी गई। वहीं पुलिस ने आज (मंगलवार को) दोपहर पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों के हवाले कर दिया है।
पुलिस ने इलाज तक नहीं करवाया और न ही जमानत दिलवाई
परिजनों ने आरोप लगाया कि बीमारी के बारे में उन्हें पहले किसी तरह की जानकारी नहीं दी गई। अगर पुलिस बता देती तो वे खुद उसका इलाज करवाते। लेकिन पुलिस ने इलाज तक नहीं करवाया और न ही जमानत दिलवाई। पत्नी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने चंदन के साथ कुछ किया है, जिससे उसकी मौत हुई। सुबह रामनगर पुलिस ने परिवार को सूचना दी कि चंदन की मौत हो चुकी है। परिवार का कहना है कि यह सिर्फ बीमारी की वजह से मौत नहीं है, बल्कि पुलिस की लापरवाही भी जिम्मेदार है। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पत्नी का कहना है बिना किसी गलती के उनके पति को झूठे केस में फंसाया गया
चंदन के परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटी और दो बेटे हैं। पत्नी का कहना है कि पुलिस अगर सही समय पर इलाज करवाती या परिवार को जानकारी देती, तो शायद चंदन की जान बच सकती थी। उन्होंने कहा कि बिना किसी गलती के उनके पति को झूठे केस में फंसाया गया और आखिरकार उसकी मौत हो गई। परिजनों ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाए। फिलहाल मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर जेल में बंद कैदी की तबीयत बिगड़ने पर समय रहते परिवार को क्यों नहीं बताया गया और उसका उचित इलाज क्यों नहीं करवाया गया।
चंदन की बीमारी के कारण मौत हो गई : एसएचओ
रामनगर थाना के एसएचओ महावीर सिंह ने बताया कि जेल प्रशासन की तरफ से हमें सूचना मिली थी कि चंदन की बीमारी के कारण मौत हो गई है। जिसके बारे में हमारे थाने के पुलिस मुलाजिमों ने चंदन के परिवार को घर जाकर इसकी जानकारी दी थी। चंदन एक्साइज एक्ट में नॉनबेलएबल एक्ट में जेल में बंद था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों का सौंप दिया।