मुज्जफरनगर में बुधवार की सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया, जहां एक खड़े ट्रक में तेज रफ्तार कार की टक्कर हो गई और इसे हादसे में कार सवार छह लोगों की मौत हो गई जबकि एक अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। बता दें कि हरियाणा के करनाल जिले के फरीदपुर गांव के एक परिवार की अर्टिगा कार की ट्रक के साथ जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में कार सवार सात में से छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है। परिवार हरिद्वार गंगा तट पर अस्थियां विसर्जन करने जा रहा था। घटना सुबह करीब 5:30 बजे पानीपत-खटीमा हाइवे पर तितावी थाना क्षेत्र में हुई।
ग्रामीणों की मदद से कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रक खड़ा हुआ था और कार की रफ्तार बहुत तेज थी, अर्टिगा को संभलने का मौका ही नहीं मिला। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोग बुरी तरह फंस गए। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़ पड़े और बचाव कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक छह लोगों की सांसें थम चुकी थीं। पुलिस ने घायल को तुरंत जिला अस्पताल भेजा, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
गाड़ी में महेंद्र की पत्नी, दो बहनें, एक जीजा, दो बेटे और ड्राइवर सवार थे
जानकारी मुताबिक ये सभी लोग फरीदपुर गांव के रहने वाले थे और परिवार के मुखिया महेंद्र का हाल ही में हार्ट अटैक से निधन हो गया था। उनकी अस्थियां विसर्जन के लिए पूरा परिवार हरिद्वार जा रहा था। गाड़ी में महेंद्र की पत्नी, दो बहनें, एक जीजा, दो बेटे और ड्राइवर सवार थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ी में सवार सात लोगों में से छह की मौके पर ही मौत हो गई। घायल बेटे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत नाज़ुक बताई जा रही है। हादसे की खबर मिलते ही करनाल में उनके गांव में मातम ओर परिवार में कोहराम मच गया। वहीं पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है और चालक परिचालक की तलाश शुरू कर दी है। वही इस घटना पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक प्रकट करते हुए पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता प्रदान करने के आदेश दिए हैं।
वो ज्वालाजी का लम्बा सफर करने के बाद सो भी नहीं पाया था
वहीं कार चालक शिवा जो ज्वालाजी गया हुआ था और बुधवार अल सुबह ही करीब 2-3 बजे के बीच घर पहुंचा था। लम्बा सफर करने के बाद उसे थकावट भी थी और इसी बीच उसे तुरंत तैयार होकर महेंद्र के परिवार को हरिद्वार लेकर जाना था। कार चालक शिवा के परिजनों ने बताया कि उन्होंने शिवा को जाने से बहुत रोका की मत जा, पर वो माना नहीं। परिवार का कहना है कि शिवा थका हुआ था, वो ज्वालाजी का लम्बा सफर करने के बाद सो भी नहीं पाया था, हमने बहुत मना किया, फिर भी वो चला गया।