हरियाणा के आईजी वाई. पूरन कुमार के आत्महत्या करने के तीसरे दिन तक भी उनकी डेड बॉडी का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। उनकी पत्नी और आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार ने अडिग रुख अपना लिया है। उनका कहना है कि जब तक सुसाइड नोट में दर्ज अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगीं। गुरुवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आईजी वाई. पूरन कुमार के सरकारी आवास पर जाकर उनके परिवार को ढांढस बंधाया। उन्होंने सीएम से कहा कि ये आत्महत्या नहीं, मर्डर है। मेरे पति ने अपने आखिरी नोट में जिन अधिकारियों का जिक्र किया है, उन पर एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी होनी चाहिए। करीब 1 घंटे तक दोनों के बीच बातचीत चली।
यह मामला केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की नाकामी को दिखाता है : आईएएस अमनीत
मोर्चरी के बाहर भारी पुलिस बल वाई. पूरन कुमार का शव फिलहाल चंडीगढ़ सेक्टर-16 के गवर्नमेंट अस्पताल की मॉर्चरी में रखा गया है लेकिन परिवार की सहमति न मिलने के कारण लगातार तीसरे दिन पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका। अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बनी हुई है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासनिक अफसरों पर निशाना आईजी वाई. पूरन कुमार की मौत से आहत आईएएस अमनीत ने साफ कहा कि यह मामला केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की नाकामी को दिखाता है।
सुसाइड नोट में जिनके नाम हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई कराऊंगी
सरकारी आवास पर उनसे मिलने पहुंचे कई आईएएस और आईपीएस अधिकारी सफाई देते रहे कि उन्हें विवादों की जानकारी नहीं थी लेकिन अमनीत ने कहा कि सुसाइड नोट में जिनके नाम हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई कराऊंगी, चाहे कोई कितना भी बड़ा अधिकारी क्यों न हो। आईजी वाई. पूरन कुमार की मौत ने हरियाणा सरकार को असहज स्थिति में ला खड़ा किया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने उच्चस्तरीय बैठक बुलाकर मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और मंत्री कृष्ण लाल पंवार से चर्चा की।
डीजीपी और रोहतक के एसपी पर गंभीर आरोप
अमनीत ने गत बुधवार देर रात चंडीगढ़ सेक्टर-11 थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया पर सीधे आरोप लगाए गए हैं। उनका कहना है कि आईजी वाई. पूरन कुमार को लगातार मानसिक उत्पीड़न झेलना पड़ा। एससी/एसटी समुदाय से होने के कारण उन्हें जातिसूचक शब्द कहे गए। सार्वजनिक मंचों पर उनका अपमान किया गया। कई बार दबाव और भेदभाव की स्थिति में काम करना पड़ा।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी जारी किया बयान
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आईजी वाई. पूरन कुमार सुसाइड केस पर कहा कि भाजपा और आरएसएस की अन्यायपूर्ण व्यवस्था ने बार-बार दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की आत्म-सम्मान की भावना को कुचला है। यह हमारे संविधान और लोकतंत्र के लिए घातक है। खड़गे ने आगे कहा कि भाजपा की मनुवादी व्यवस्था इस देश के एससी, एसटी, ओबीसी और कमजोर वर्गों के लिए अभिशाप बन चुकी है। हरियाणा के वरिष्ठ दलित आईपीएस अधिकारी के द्वारा सुसाइड करने की खबर न केवल चौंकाने वाली है, बल्कि सामाजिक अन्याय और असंवेदनशीलता की भी भयावह मिसाल है। परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।
अमनीत ने सीएम को 4 पन्नों की शिकायत सौंपी
आईएएस अमनीत ने सीएम को 4 पन्नों की शिकायत सौंपी। इसमें उन्होंने 4 प्रमुख मांगें रखीं। सुसाइड नोट में जिन अधिकारियों का नाम है, उन पर एफआईआर दर्ज की जाए। उन्हें तुरंत सस्पेंड किया जाए। गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाए। परिवार को स्थायी सुरक्षा प्रदान की जाए। वहीं देर रात इस मामले में नया अपडेट सामने आया है कि IPS वाई पूरन कुमार के सुसाइड मामले में पूरन कुमार की पत्नी द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर चंडीगढ़ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। चंडीगढ़ पुलिस की एसएसपी ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है।
related
अमेरिका में करनाल के युवक की गोली मारकर हत्या, गांव में पसरा मातम, परिवार ने शव भारत लाने की लगाई गुहार
'रकम नहीं दी गोलियों से भून देंगे' भाजपा पार्षद सहित तीन कारोबारियों को रंगदारी की धमकी भरी कॉल
पानीपत में नई रेनो डस्टर का भव्य लॉन्च, विधायक विज बोले-मजबूती और लग्ज़री का अनूठा संगम, पढ़ें विस्तृत ख़बर
Latest stories
महाराजा सूरजमल की मूर्ति से 'जाट' शब्द हटाने पर बवाल, जाट समाज की नाराज़गी और प्रशासन का तर्क, पढ़ें पूरी ख़बर
हरियाणा में रेल कनेक्टिविटी का नया दौर : HORC टनल का 61 फीसदी कार्य पूरा, कुरुक्षेत्र एलिवेटेड ट्रैक लॉन्च के लिए तैयार
मन की बात : एकजुटता की अपील, अफवाहों से सावधान रहने की चेतावनी, 'टीम इंडिया' के रूप में काम करने का आह्वान