अमेरिका के द्वारा एक बार फिर से भारत के लोगों को डिपोर्ट करके भारत भेज दिया गया है यह वह लोग थे जो डोंकी के जरिए अमेरिका में गए थे लेकिन ट्रंप सरकार डोंकी से जाने वाले लोगों के ऊपर अब भी लगातार कार्रवाई कर रही है इस साल के शुरुआती समय में भी सैकड़ों लोग रिपोर्ट करके भारत भेज दिए गए थे एक बार फिर से अमेरिका के द्वारा हरियाणा के 50 युवक डिपोर्ट करके भारत भेज दिए गए हैं।
16 युवक करनाल के रहने वाले
डीएसपी संदीप कुमार ने बताया कि हरियाणा के 50 युवक डिपोर्ट किए गए हैं उनमें से 16 युवक करनाल के रहने वाले हैं जो करनाल पहुंच चुके हैं और उनके घर वालों को सौंप दिया गया है। जब उनसे सवाल किया गया कि क्या इनके ऊपर कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड है तो इस बारे में डीएसपी ने बताया कि अभी सभी की इंक्वायरी की जाएगी अभी तक हमने इंक्वायरी नहीं की है आगे जैसे-जैसे इंक्वायरी होगी तो सभी के रिकॉर्ड सामने आते जाएंगे।
अमेरिका जाने का भी सपना पूरा नहीं होता
डीएसपी कुछ ज्यादा सवालों के जवाब देते हुए बचते हुए दिखाई दिए जब उनसे सवाल किया गया कि यह डोंकी वाले लोग है जो अमेरिका गए थे तो इस पर भी उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया बोला अभी किसी से कुछ भी पूछताछ नहीं की गई है जैसे ही जांच की जाएगी तब सामने आएगा की है कैसे अमेरिका में गए थे हालांकि उन्होंने अवैध तरीके से अमेरिका में जाने वाले लोगों को सलाह दी है कि वह इस प्रकार का काम ना करें जिसमें वह लाखों रुपए लगाकर बर्बाद हो जाते हैं और अमेरिका जाने का भी सपना पूरा नहीं होता। उन्होंने बताया कि यह सभी करनाल के अलग-अलग गांव के रहने वाले हैं जिनको उनके परिवार वालों को सौंप दिया गया है।
डिपोर्ट हुए करनाल के 16 लोग इनमें
हुसन गांव पोपड़ा असंध।
अंकुर, गांव रहड़ा असंध।
रजतपाल गांव सिंघवा करनाल।
जश्नदीप सिंह बांसा गांव निसिंग।
तेजेंद्र सिंह गांव प्याेंत निसिंग।
हरीश गांव कलसी नीलोखेड़ी।
विक्रम गांव गौर गढ़ नीलोखेड़ी।
गुरजंत सिंह गांव बिलोना असंध।
सचिन मलिक फुरलक घरौंडा।
मनिंदर सिंह गांव मंचूरी असंध।
मनीष कुमार गांव ओगंद निसिंग।
प्रियांशु चहल गांव बीबीपुर जाटान इंद्री।
देवेंद्र सिंह निसिंग।
सावन गांव गोलपुर निगदु।
तुषार गांव बस्तलि निसिंग।
और निखिल गांव डोड कारसा निग्दु शामिल है।