पत्थरगढ़ गांव से पानीपत की तरफ आ रहे दो बाइक सवार युवकों का अचानक संतुलन बिगड़ गया और बाइक गड्ढे में जा गिरी। हादसे में बाइक चालक युवक की गर्दन टूटने से मौके पर ही मौत हो गई जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और शव लेकर गांव चले गए। गांव में शव दफनाने की तैयारी चल रही थी, इसी दौरान विलाप करते हुए मृतक की ममेरी बहन की हालत बिगड़ गई, जब तक उसे संभाला जाता, उसकी भी मौत हो गई। मौत का सिलसिला यहीं नहीं रुका। ममेरी बहन के शव को उसके ससुराल ले गए तो मौत की सूचना पाकर मृतक युवक की मौसी की भी सदमे के कारण जान चली गई।
रास्ते में उनकी बाइक का संतुलन बिगड़ गया और बाइक एक गड्ढे में जा गिरी
एक साथ तीन मौत होने पर गांव में मातम का माहौल बना हुआ है। पत्थरगढ़ निवासी शालिम ने बताया कि पारिवारिक रिश्ते में भाई लगने वाला आजम और भतीजा जुनैद शुक्रवार शाम करीब चार बजे गांव पत्थरगढ़ से पानीपत सामान लेने के लिए बाइक पर जा रहे थे। बाइक आजम चला रहा था। जब वे बाबैल गांव और राजाखेड़ी के बीच पहुंचे तो रास्ते में उनकी बाइक का संतुलन बिगड़ गया और बाइक एक गड्ढे में जा गिरी। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दौरान वहां से उसका भाई अरशद व एक युवक हामिद ऑटो लेकर पानीपत खाद लेने के लिए जा रहे थे। रास्ते में राहगीरों की भीड़ देखकर रूके तो उन्हें आजम और जुनैद घायल दिखाई दिए।
25 वर्षीय आजम ने दम तोड़ दिया
जिसके बाद वे दोनों को अस्पताल लेकर जाने लगे लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही 25 वर्षीय आजम ने दम तोड़ दिया, जिसकी सूचना उन्होंने परिजनों को दी। उसके बाद 17 वर्षीय जुनैद को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि आजम की मौत की सूचना के बाद उसकी मेमेरी बहन शमीना अपनी ससुराल कैराना के गांव बरनाऊ से भाई की मौत पर दुख व्यक्त करने आई थी। विलाप के दौरान तबीयत इतनी बिगड़ गई कि संभाला नहीं जा सका।
ममेरी बहन और बुआ की सदमे के कारण जान चली गई
अस्पताल लेकर जाने लगे तो उसकी भी मौत हो गई। आजम को दफनाने से पहले ही ममेरी बहन को लेकर उसके स्वजन ससुराल कैराना के गांव बरनाऊ चले गए। इस दौरान आजम के शव को दफना दिया गया। दूसरी ओर बरनाऊ में शमीना के शव को लेकर स्वजन जब पहुंचे तो इसकी सूचना पाकर कैराना स्थित गांव मलिकपुर निवासी खुर्शीदा (मृतक आजम की मौसी और शमीना की बुआ) की सदमे के कारण जान चली गई। शमीना के शव को रात को ही दफना दिया गया था। खुर्शीदा के शव को शनिवार सुबह दफनाया गया।