धान खरीद प्रक्रिया में गेट पास जारी करने में हुई अनियमितताओं के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। उपायुक्त उत्तम सिंह के निर्देश पर मंडी बोर्ड के डीएमईओ ईश्वर सिंह की शिकायत पर मंडी सचिव आशा रानी समेत कुल चार व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 318(4) के तहत करनाल शहर थाना में दर्ज हुआ है।
गेट पास जारी करने की रैंडम जांच की गई थी
जानकारी के अनुसार, अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय से आए एक पत्र के आधार पर करनाल अनाज मंडी में गेट पास जारी करने की रैंडम जांच की गई थी। जांच में पाया गया कि कुछ गेट पास करनाल मंडी से बाहर के आईपी एड्रेस से जारी किए गए थे। इन गेट पासों से जुड़े मोबाइल नंबर राजेंद्र कुमार पुत्र मंगल राम निवासी बुढ़नपुर वीरान इंद्री, अमित कुमार पुत्र राजबीर निवासी जुंडला दादुपुर रोडान-43 और अजय कुमार निवासी खेड़ी नूरू के नाम पर पंजीकृत पाए गए।
अधिकारियों की मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता
जांच में यह भी सामने आया कि गेट पास जारी करने में मार्केट कमेटी अधिकारियों की मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता। एफआईआर में कहा गया है कि खरीद व्यवस्था बनाए रखना मार्केट कमेटी सचिव की जिम्मेदारी है, लेकिन सचिव आशा रानी अपने कर्तव्यों के निर्वहन में विफल रही हैं। विश्वसनीय सूत्रों से यह भी जानकारी मिली कि सचिव आशा रानी ने गेट पास जारी करने का कार्य प्राइवेट व्यक्तियों से करवाया, जो नियमों के विपरीत है। साइबर सेल इंचार्ज ने भी इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की सिफारिश की है।
धान खरीद प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी
शिकायत के आधार पर मंडी सचिव आशा रानी, राजेंद्र कुमार, अमित कुमार और अजय कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। प्रशासन का कहना है कि धान खरीद प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी