मंगलवार को कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय,कुरूक्षेत्र द्वारा आर्य पीजी कॉलेज,पानीपत में आयोजित 46 वें इंटर जोनल युवा महोत्सव का दूसरे दिन का आगाज भी शानदार हुआ। युवा महोत्सव के दूसरे दिन के उद्घाटन सत्र पर बतौर मुख्य अतिथि पानीपत के विधायक प्रमोद विज व विशिष्ठ अतिथि के तौर पर प्रमुख समाज सेवी हरपाल ढांडा व कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक अंकेश्वर प्रकाश व कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय,कुरूक्षेत्र के जनसंचार विभाग के निदेशक डॉ. महा सिंह पुनिया, पानीपत अर्बन को आपरेटिव बैंक के फाउंडर एडवाइजर ओ.पी शर्मा व समाज सेवी मोहन लाल गर्ग का कॉलेज प्रांगण में पहुंचने पर आर्य कॉलेज प्रंबधक समिति के प्रधान सुरेंद्र शिगंला, उप प्रधान वीरेंद्र शिंगला, महासचिव सीए कमल किशोर, उपप्रधान विरेंद्र शिंगला, कोषाध्यक्ष पीयूष आर्य व कॉलेज प्राचार्य प्रो. डॉ. जगदीश गुप्ता ने पुष्पगुच्छ देकर भव्य स्वागत किया।
हरियाणवी ऑर्केस्ट्रा की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मान मोह लिया
प्रात कालीन सत्र में ओ.पी. शिंगला सभागार में रसिया ग्रुप डांस व हरियाणवी ऑर्केस्ट्रा की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मान मोह लिया। रसिया ग्रुप डांस एक पारंपरिक लोक नृत्य है जो हरियाणा के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में होली के त्योहार के दौरान किया जाता है। इंटर जोनल युवा महोत्सव में प्रतिभागियों ने भगवान कृष्ण और राधा के प्रेम पर आधारित नृत्य करके सभागार में बैठे सभी दर्शकों को रसिया के रंग में सराबोर कर दिया। वहीं हरियाणवी ऑर्केस्ट्रा की विधा में आर्य कॉलेज के विद्यार्थियों ने शानदार प्रस्तुति देते हुए हरियाणा के 30 से ज्यादा वाद्ययंत्र एक साथ बजाकर, सबको थिरकने पर मजबूर कर दिया। हरियाणवी ऑर्केस्ट्रा युवा महोत्सव की एक ऐसी विधा है जिसमें प्रतिभागी ऐसे वाद्य यंत्र बजाते हैं जो वर्तमान में ज्यादा प्रचलित नहीं है या आज का युवा उनको भूला चुका है, लेकिन युवा महोत्सव में उन विलुप्त होते वाद्य यंत्रों को दर्शकों के सामने बजा कर अपनी संस्कृति को बचाने और सहेजने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
शिक्षा के साथ-साथ अपनी स्किलस पर काम करने की जरूरत
इस विधा में कुल दस प्रतिभागी हिस्सा लेते हैं और एक प्रतिभागी तीन से चार-चार वाद्ययंत्र एक साथ बजा कर अपनी कला के प्रदर्शन से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर देते हैं। प्रतिभागियों द्वारा बजाए जाने वाले वाद्ययंत्र जैसे शहनाई, बांसुरी, अलगोजा, सारंगी, चिमटा, नगाडा, ढोल, गढवा, बेंजू, मोरचंग, रावणहत्था, ढेरू इत्यादि होते हैं। 46वें इंटर जोनल युवा महोत्सव के दूसरे दिन के पहले सत्र में मुख्य अतिथि के तौर पर पानीपत के विधायक प्रमोद विज ने अपने संबोधन में युवा महोत्सव के आयोजकों व सभी अतिथियों का आभार व्यक्त कर शानदार आयोजन की भरपूर प्रशंसा करते हुए प्रतिभागियों का हौंसला बढाया। और कहा कि विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा के साथ-साथ अपनी स्किलस पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने आर्य कॉलेज के अनुशासन व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए कहा कि आर्य महाविद्यालय का अनुशासन बहुत ही सराहनीय है जिसके लिए मैं आर्य कॉलेज प्रबंधन समिति व कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता को बधाई देता हूं।
इस प्रकार के आयोजनों से आज के युवा कम से कम अपनी संस्कृति से रू-बरू हो रहे
कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय,कुरूक्षेत्र के परीक्षा नियंत्रक अंकेश्वर प्रकाश ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे युवा महोत्सवों से विद्यार्थी अपने हुनर को पहुंचाते हुए अपने जीवन में कुछ अच्छा सीखने और करने का निर्णय लेते हैं, मनुष्य का सबसे पहला सुख निरोगी काया है। रिचुअल युवा महोत्सव की ऐसी विधा जो आज के युवा मोबाइल और डीजे की चकाचौंध में भूलते जा रहे हैं। इस विधा है प्रतिभागी हरियाणवी संस्कृति को जीवित रखने का प्रयास करते हैं। जो हमारे समाज में तीज, त्योहार, विवाह व लडका होने की खुशी की में घरों में गाए जाने वाले छटी के गीत व नृत्य करके वो अपनी खुशी को व्यक्त करते हैं, वो अद्वितीय है। आज हमारे घरों में इन त्योहारों और खुशी के पलों को आधुनिक के युग डीजे और मोबाइल खा रहे हैं, कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय का ये प्रयास सराहनीय है वे इस प्रकार के आयोजनों से आज के युवा कम से कम अपनी संस्कृति से रू-बरू हो रहे हैं।
युवाओं को अपनी संस्कृति को बचाने व सहेज कर रखने में अपना अहम योगदान देना होगा
हरियाणवी हास्य नाटिका एक ऐसी विधा है जिसमें प्रतिभागी 8 से 10 मिनट के अंतराल में एक नाटक के माध्यम से समाज में व्याप्त बुराइयों पर, समाज व सरकार और प्रशासन पर हास्य व्यंग के माध्यम से कटाक्ष करके समाज को एक सकारात्मक संदेश देने का प्रयास करते हैं। विशिष्ट अतिथि रहे कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय,कुरूक्षेत्र के जनसंचार विभाग के निदेशक डॉ. महासिंह पुनिया ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं को अपनी संस्कृति को बचाने व सहेज कर रखने में अपना अहम योगदान देना होगा। आर्य कॉलेज प्रबंधक समिति के महासचिव सीए कमल किशोर ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के महोत्सव से युवाओं को अपनी संस्कृति को जानने का अवसर मिलता है।
प्रतिभागी एक नई उर्जा के साथ अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह रहे
प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने कॉलेज प्रांगण में पहुंचने पर सभी अतिथियों का स्वागत किया व अपने संबोधन में कहा कि महाविद्यालय में आयोजित युवा महोत्सव के दूसरे दिन भी विभिन्न महाविद्यालयों से पहुंची टीमों के प्रतिभागी एक नई उर्जा के साथ अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह रहे हैं। वहीं सांय कालीन सत्र में मुख्य अतिथि चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय,जींद के कुलपति प्रो. डॉ. रामपाल सैनी ने शिरकत हुए प्रतिभागियों का मनोबल बढाते हुए कहा कि, विद्यार्थियों को ऐसे महोत्सव में भाग लेने का ये लाभ होता है कि वो अपनी संस्कृति की जडों से जुड पाते हैं। सांग हरियाणवी संस्कृति की एक ऐसी विधा हैं जो प्राचीन समय से ही यहां के लाेगों का इस अवसर पर मौना शिंगला, कॉलेज की उपाचार्या डॉ. अनुराधा सिंह, डॉ. गीतांजली, डॉ. मधु गाबा समेत अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
दूसरे दिन आयोजित की गई विधाओं के परिणाम इस प्रकार रहे
- रसिया ग्रुप डांस में आर्य पीजी कॉलेज, पानीपत प्रथम स्थान, कुरूक्षेत्र युनिवर्सिटी कैंपस ने द्वितीय स्थान व एसडी पीजी कॉलेज, पानीपत ने तृतीय स्थान हासिल किया।
- क्लासिकल डांस सोलो में आर्य पीजी कॉलेज, पानीपत प्रथम स्थान, एसडी पीजी कॉलेज, पानीपत ने द्वितीय स्थान व कुरूक्षेत्र युनिवर्सिटी कैंपस ने तृतीय स्थान हासिल किया।
- रिचुअल में आर्य पीजी कॉलेज, पानीपत प्रथम स्थान, कुरूक्षेत्र युनिवर्सिटी कैंपस ने द्वितीय स्थान व श्री कपिलमुनी राजकीय महिला महाविद्यालय, कलायत(कैथल) ने तृतीय स्थान हासिल किया।
- हरियाणवी हिंदी स्किट में आर्य पीजी कॉलेज, पानीपत प्रथम स्थान, डीएवी पीजी कॉलेज, करनाल ने द्वितीय स्थान व एसडी कॉलेज, अंबाला केंट ने तृतीय स्थान हासिल किया।
- क्लासिकल वोकल सोलो में गुरु नानक खालसा कॉलेज, करनाल प्रथम स्थान, जीएमएन कॉलेज, अंबाला केंट ने द्वितीय स्थान व कुरूक्षेत्र युनिवर्सिटी कैंपस ने तृतीय स्थान हासिल किया।
- क्लासिकल इंस्ट्रुमेंटल सोलो प्रकशन में आर्य पीजी कॉलेज, करनाल प्रथम स्थान,कुरूक्षेत्र युनिवर्सिटी कैंपस ने द्वितीय स्थान व बाबू अनंत राम जनता कॉलेज, कौल ने तृतीय स्थान हासिल किया।
- क्लासिकल इंस्ट्रुमेंटल सोलो नॉन प्रकशन में आर्य पीजी कॉलेज, पानीपत प्रथम स्थान, कुरूक्षेत्र युनिवर्सिटी कैंपस ने द्वितीय स्थान व गुरु नानक खालसा कॉलेज, करनाल ने तृतीय स्थान हासिल किया।
- लाइट वोकल में आर्य पीजी कॉलेज, पानीपत प्रथम स्थान, एसडी कॉलेज, अंबाला केंट ने द्वितीय स्थान व कुरूक्षेत्र युनिवर्सिटी कैंपस ने तृतीय स्थान हासिल किया।
- क्ले मॉडलिंग में कुरूक्षेत्र युनिवर्सिटी कैंपस प्रथम स्थान, एसडी कॉलेज, अंबाला केंट ने द्वितीय स्थान व राजकीय महिला महाविद्यालय, पलवल ने तृतीय स्थान हासिल किया।
- कार्टूनिंग में कुरूक्षेत्र युनिवर्सिटी कैंपस प्रथम स्थान, आईबी पीजी कॉलेज, पानीपत ने द्वितीय स्थान व एसडी पीजी कॉलेज, पानीपत ने तृतीय स्थान हासिल किया।
- कॉलाज में कुरूक्षेत्र युनिवर्सिटी कैंपस प्रथम स्थान, एसडी पीजी कॉलेज, पानीपत ने द्वितीय स्थान व आर्य कन्या महाविद्यालय, शाहबाद ने तृतीय स्थान हासिल किया।