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The Haryana Story | केवाईसी अपडेट करने के लिए आए कॉल तो हो जाएं सावधान ! साइबर ठगी का हो सकते हैं शिकार

केवाईसी अपडेट करने के लिए आए कॉल तो हो जाएं सावधान ! साइबर ठगी का हो सकते हैं शिकार

संदिग्ध कॉल या मैसेज पर विश्वास न करें और किसी भी प्रकार की बैंकिंग जानकारी सांझा करने से बचे : एसपी भूपेंद्र सिंह आईपीएस

पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने कहा कि साइबर ठग स्वयं को बैंक अधिकारी के रूप में प्रस्तुत करते है और फर्जी एसएमएस, कॉल या ई मेल कर यह कहते है कि यदि आपने अभी केवाईसी अपडेट नहीं कराया तो आपका खाता ब्लाक हो जाएगा। साइबर ठग केवाईसी अपडेट के बहाने लोगों से बैंक, यूपीआई और वॉलेट खातों की संवेदनशील जानकारी लेते है। फिर आगे की प्रक्रिया के बहाने ओटीपी नंबर लेकर बैंक खाते से रूपए निकाल लेते है। नागरिकों को ठगी का तब पता चलता है, जब उन्हें निकासी का मैसेज आता है।

साइबर ठगी से बचने के लिए निम्न सावधानी बरते :

  1. ऐसे कॉल या मैसेज आने पर शांत रहें, कोई जानकारी सांझा न करें।
  2. 2. बैंक में जाकर ही केवाईसी कराए।
  3. 3. बैंक डिटेल्स, पासवर्ड, ओटीपी या पिन किसी से भी सांझा न करें।
  4. 4. किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। 

ठगी हो जाने की स्थिति में क्या करें :

तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। www.cybercrime.gov.in वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम थाना में रिपोर्ट दर्ज कराएं। पुलिस अधीक्षक श्री भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने कहा कि कोई भी बैंक या अधिकृत संस्था ओटीपी, पासवर्ड, या यूपीआई पिन नहीं मांगती। खाते से संबंधित कोई भी जानकारी बैंक जाकर प्राप्त करें। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क और जागरूक रहें। आपकी सावधानी ही आपकी सुरक्षा है।

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