अमेरिका ने अवैध तरीके से प्रवेश करने वाले भारतीय युवकों पर एक बार फिर सख्ती दिखाते हुए 149 युवाओं को डिपोर्ट कर भारत भेज दिया। डिपोर्ट किए गए युवाओं में हरियाणा के करनाल जिले के गांव ब्रास का एक युवक भी शामिल है, जो बेहतर भविष्य के सपने लेकर लाखों रुपये खर्च कर अमेरिका गया था, लेकिन अब बेड़ियों में जकड़ कर वापस लौटना पड़ा। बुधवार देर रात 149 युवाओं को लेकर एक विशेष विमान इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, दिल्ली पहुंचा। सभी युवकों को बेड़ियों में जकड़कर भारत लाया गया।
तीन साल बाद बेटे को देखकर माता-पिता की आंखों से छलक पड़े आंसू
इनमें गांव ब्रास निवासी 25 वर्षीय बादल उर्फ विशाल राणा भी शामिल था। वीरवार देर रात जब वह अपने घर पहुंचा तो तीन साल बाद बेटे को देखकर माता-पिता की आंखों से आंसू छलक पड़े। परिजनों के अनुसार बादल 5 मई 2023 को अमेरिका के लिए रवाना हुआ था। परिवार ने एक एजेंट को करीब 65 लाख रुपये दिए थे, जिसने युवक को कानूनी और वैध तरीके से अमेरिका भेजने का भरोसा दिलाया था। हालांकि एजेंट ने उसे डंकी रूट के जरिए अमेरिका पहुंचा दिया।
ठंड में घंटों बाहर बैठाया जाता था, कमरों में एसी चलाकर ठिठुरन बढ़ा दी जाती थी
अमेरिका पहुंचते ही युवक को करीब 15 दिन तक एक कैंप में रखा गया। कैंप से बाहर आने के बाद बादल ने कैलिफोर्निया में ट्रक चालक के रूप में काम शुरू किया, लेकिन पिछले साल नवंबर में टेक्सास में अमेरिकी पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। युवक के अनुसार जेल में उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। ठंड में घंटों बाहर बैठाया जाता था, रात के समय कमरों में एसी चलाकर ठिठुरन बढ़ा दी जाती थी। खाने के नाम पर उबली गाजर और पीने के लिए अत्यधिक गरम पानी दिया जाता था। उसने बताया कि उसे रोजाना शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न सहना पड़ा। अंततः अमेरिकी प्रशासन ने उसे बेड़ियों में जकड़कर भारत डिपोर्ट कर दिया। परिजनों का कहना है कि एजेंट की लापरवाही और धोखाधड़ी के कारण परिवार को भारी आर्थिक और मानसिक नुकसान झेलना पड़ा।
बेटे को विदेश भेजने में बेची जमीन, गहने और लिया कर्ज
परिजनों ने बताया कि बेटे को अमेरिका भेजने के लिए परिवार ने एक एकड़ पुश्तैनी जमीन बेच दी, 15 लाख रुपये का बैंक से कर्ज लिया और करीब 10 लाख रुपये के गहने भी बेचने पड़े। एजेंट ने कानूनी तरीके से भेजने का दावा किया था, लेकिन डंकी रूट अपनाया, जिससे युवक को जेल और प्रताड़ना झेलनी पड़ी। परिवार ने मांग की है कि ऐसे एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि कोई और परिवार इस तरह बर्बाद न हो।