सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला घूमने आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए हरियाणा पर्यटन विभाग की ओर से 'मेला साथी' ऐप का शुभारंभ किया गया है। पर्यटकों के लिए 'मेला साथी' ऐप वास्तव में एक स्मार्ट पहल है। हरियाणा पर्यटन विभाग द्वारा यह कदम डिजिटल इंडिया और स्मार्ट टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में काफी सराहनीय है। सूरजकुंड मेला अब न केवल कला का संगम है, बल्कि तकनीक के मामले में भी आधुनिक हो गया है। मेले के विशाल परिसर में अलग-अलग राज्यों के स्टॉल, फूड कोर्ट और चौपालों को ढूंढने में मदद मिलेगी। पर्यटक लाइन में लगे बिना ऐप के जरिए आसानी से ई-टिकट बुक कर सकते हैं। मेले में होने वाले दैनिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों और कलाकारों की पूरी जानकारी यहाँ उपलब्ध रहेगी। इतना ही नहीं ऐप में सुरक्षा और प्राथमिक चिकित्सा जैसी आपातकालीन सेवाओं के संपर्क नंबर भी दिए गए हैं।
पर्यटकों को मेले से जुड़ी हर जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध होगी
ऐप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। मेला साथी ऐप के जरिये पर्यटकों को स्टॉलों की लोकेशन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का समय, कलाकारों और शिल्पकारों का परिचय, खानपान जोन, पार्किंग व्यवस्था, आपात सेवाएं और अन्य सुविधाओं की जानकारी एक क्लिक पर मिल सकेगी। इस मेला साथी ऐप के जरिए पर्यटकों को मेले से जुड़ी हर जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध होगी। इससे देश-विदेश से मेले में पहली बार अपने वाले पर्यटकों को काफी लाभ मिलेगा। सूरजकुंड मेला प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि यह ऐप हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है। 39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला इस बार अपनी समृद्ध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, विभिन्न राज्यों के प्रसिद्ध व्यंजनों के साथ-साथ भव्य और रचनात्मक सेल्फी पॉइंट्स के कारण खासा चर्चा में है।
पारंपरिक हट्स को प्राकृतिक परिवेश के साथ दशार्या गया, जो पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रहे
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष मेले की थीम राज्यों के रूप में उत्तर प्रदेश और मेघालय को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया है। देश-विदेश से आए पर्यटक यहां न केवल पारंपरिक हस्तशिल्प, लोक कलाओं और व्यंजनां का आनंद ले रहे हैं, बल्कि खूबसूरती से डिजाइन किए गए सेल्फी पॉइंट्स पर तस्वीरें खिंचवाकर यादगार पलों को कैमरे में कैद कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश की झलक दिखाने वाले सेल्फी पॉइंट्स में उसकी ऐतिहासिक वास्तुकला, भव्य पारंपरिक द्वार और सांस्कृतिक प्रतीकों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। वहीं मेघालय की पहचान माने जाने वाले पारंपरिक हट्स को प्राकृतिक परिवेश के साथ दशार्या गया है, जो पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रहे हैं। इन स्थानों पर दिनभर पर्यटकों की भीड़ देखी जा रही है, जो परिवार और दोस्तों के साथ सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं।