हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन ने गुरुवार को पीजीटी कंप्यूटर साइंस के सब्जेक्ट नॉलेज टेस्ट का परिणाम जारी लेकिन महज 39 कैंडिडेट्स की परीक्षा पास कर पाए जिसको लेकर निरंतर सवाल उठ रहे हैं। कमीशन हरियाणा और मेवात कैडर में 1,711 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू कर रखी है जिसका रिजल्ट अब जारी किया गया है। बता दें कि कमीशन ने 2023 में हरियाणा कैडर में 1,633 और मेवात कैडर में 78 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। हरियाणा कैडर के 1,633 पदों में से 898 जनरल, 327 एससी, 163 बीसीए, 163 बीसीबी और 163 ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षित थे। मेवात कैडर के 78 पदों में से 43 जनरल, 15 एससी, 8 बीसीए, 4 बीसीसी और 8 इडबल्यूएस के लिए रिजर्व थे। इन पदों के लिए प्री-एग्जाम 15 जून को हुआ था।
कैंडिडेट्स लगातार सवाल उठा रहे और इसको लेकर धरना भी जारी
एचपीएससी द्वारा निर्धारित 35 फीसद अंक के पैमाने को लेकर कैंडिडेट्स लगातार सवाल उठा रहे हैं और इसको लेकर धरना भी जारी है। लगभग 5,000 उम्मीदवारों में से सिर्फ़ 39 ही पास हुए, जो 1,711 पदों का तीन फीसद भी नहीं है। नतीजतन, लगभग 98 प्रतिशत पद खाली रह जाएंगे। ये कोई पहली भर्ती नहीं है जिसमें क्राइटीरिया के चलते पद खाली रह जाएंगे। पहले भी पदों की संख्या के मुकाबले बहुत कम उम्मीदवार क्वालीफाई कर पाए थे। इंग्लिश असिस्टेंट की परीक्षा में केवल 7 फीसद कैंडिडेट्स ही पास हुए थे यह बताना जरूरी है कि पिछले साल हरियाणा कॉलेज कैडर असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में इंग्लिश विषय की परीक्षा में सिर्फ़ 7 प्रतिशत छात्र ही पास हो पाए थे, जिससे कुल पदों में से 75 प्रतिशत सीटें खाली रह गईं।
अब तक भर्ती के दो चरण पूरे हो चुके
इसके लिए एक सब्जेक्ट नॉलेज टेस्ट लिया गया था, और लगभग 2,200 उम्मीदवार पहली परीक्षा में पास हुए थे। लेकिन दूसरी परीक्षा में, सिर्फ़ 151 युवा ही परीक्षा पास कर पाए, जिन्होंने न्यूनतम 35 प्रतिशत अंक हासिल किए, जो एक न्यूनतम मानदंड था, जिसके कारण पद खाली रह गए। इस संदर्भ में, यह ध्यान देने योग्य है कि अब तक भर्ती के दो चरण पूरे हो चुके हैं: पहली और दूसरी परीक्षा, और तीसरे चरण में इंटरव्यू होंगे। यह जरूरी नहीं है कि परीक्षा पास करने वाले सभी उम्मीदवारों का चयन हो जाए। अगर कुछ उम्मीदवारों का चयन नहीं होता है, तो यह समझा जा सकता है कि और भी पद खाली रह जाएंगे। इस मुद्दे पर, एचपीएससी के चेयरमैन आलोक वर्मा ने उस वक्त कहा था कि चूंकि भर्ती प्रक्रिया अभी भी चल रही है, इसलिए मेरे लिए इस पर टिप्पणी करना अनुचित होगा। कैटेगरी के हिसाब से, जनरल कैटेगरी में 312 पदों में से कुल 134 उम्मीदवारों ने इंग्लिश की परीक्षा पास की।
एचपीएससी के क्राइटिरिया पर लगातार सवाल उठ रहे
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग में, 36 पदों के लिए 5 उम्मीदवारों ने परीक्षा पास की, बीसीबी कैटेगरी में 85 पदों के लिए 3 उम्मीदवारों ने परीक्षा पास की, बीसीए कैटेगरी में 60 पदों के लिए 1 उम्मीदवार ने परीक्षा पास की, और ओएससी कैटेगरी में 60 पदों के लिए 1 उम्मीदवार ने परीक्षा पास की। इस तरह, 613 पदों के लिए 151 उम्मीदवारों ने परीक्षा पास की, जबकि पॉलिटिकल साइंस के 18 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों में से 11 पद खाली रह गए। इसके अलावा, 1325 पीजीटी फिजिकल एजुकेशन और फाइन आर्ट्स पदों में से 642 भरे गए, जिससे 683 पद खाली रह गए। एचपीएससी के क्राइटिरिया पर सवाल उठ रहे एचपीएससी के क्राइटिरिया पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। कैंडिडेट्स के अलावा विपक्षी राजनीतिक दल भी निरंतर एचपीएससी और चैयरमेन पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
नौकरियों के लिए सिलेक्शन प्रक्रिया का मजाक बना दिया : अभय सिंह चौटाला
इस संबंध में, इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने एचपीएससी पर निशाना साधते हुए कहा कि इसने नौकरियों के लिए सिलेक्शन प्रक्रिया का मजाक बना दिया है। उन्होंने कहा कि ऌढरउ द्वारा चलाई गई एक भी भर्ती मुहिम हरियाणा के योग्य युवाओं को नौकरी देने के मकसद से नहीं थी। हरियाणा, जो बेरोजगारी से जूझ रहा है, में पीजीटी कंप्यूटर साइंस भर्ती परीक्षा के नतीजे सालों के इंतजार के बाद आखिरकार जारी कर दिए गए हैं। 1711 पीजीटी कंप्यूटर साइंस पदों के लिए 5100 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी, लेकिन सिर्फ़ 39 उम्मीदवार, यानी सिर्फ़ 2.29 प्रतिशत, ही सफल घोषित हुए। हरियाणा के युवा सरकारी नौकरी पाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, लेकिन एचपीएससी उनके प्रयासों को नाकाम कर रहा है और उन्हें नाकाबिल और अयोग्य साबित करने पर तुला हुआ लगता है।