आज के समय में करियर काउंसलिंग केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि बच्चों और युवाओं के भविष्य के लिए एक अनिवार्य आवश्यकता बन गई है। करियर काउंसलिंग क्यों जरूरी है? इसको लेकर साइकोलोजिस्ट यशदीप मलिक का कहना है कि काउंसलिंग जीवन में स्पष्ट, संतुलन और नई शुरुआत ला सकती है। मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शारीरिक स्वास्थ्य। आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में तनाव, चिंता और भावनात्मक दबाव आम हो गए हैं, लेकिन इन्हें अनदेखा करना समस्या को और गहरा कर देता है। सही समय पर सही मार्गदर्शन और वैज्ञानिक काउंसलिंग व्यक्ति के जीवन की दिशा बदल सकती है।
मन की उलझनों को समझें
साइकोलोजिस्ट यशदीप मलिक के मुताबिक लोग अपने मन की उलझनों को समझें, आत्मविश्वास विकसित करें और संतुलित, सकारात्मक व सफल जीवन की ओर आगे बढ़ें। विशेष रूप से कम आयु में तनाव, अवसाद या भावनात्मक दबाव का सामना कर रहे बच्चों और युवाओं के लिए संवेदनशील एवं प्रभावी परामर्श उपलब्ध कराना मेरी प्राथमिकता है, ताकि वे समय रहते सही दिशा पाकर अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ सकें। हर व्यक्ति के भीतर समाधान की क्षमता होती है आवश्यकता है सही दिशा, विश्वास और सहयोग की लें। अपनी छोटी-छोटी उपलब्धियों को पहचानें। जब आप खुद पर भरोसा करना शुरू करते हैं, तो सकारात्मकता अपने आप आने लगती है। संतुलित जीवनशैली: कार्य और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बनाना मानसिक शांति के लिए अनिवार्य है।
देखा-देखी या माता-पिता के दबाव में करियर चुन लेते है बच्चे
काउंसलिंग के माध्यम से बच्चे अपनी रुचि, शारीरिक व मानसिक क्षमता और व्यक्तित्व को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं। इसके लिए अक्सर साइकोमेट्रिक टेस्ट जैसे वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग किया जाता है। अक्सर छात्र अपने दोस्तों की देखा-देखी या माता-पिता के दबाव में करियर चुन लेते हैं, जिससे भविष्य में पछतावा और समय की बर्बादी हो सकती है। काउंसलिंग उन्हें तथ्यों के आधार पर निर्णय लेने में मदद करती है।
मानसिक तनाव और भ्रम में कमी
डिजिटल युग में कई नए करियर विकल्प (जैसे एआई , डेटा साइंस, आदि) सामने आए हैं, जिनके बारे में पारंपरिक शिक्षा प्रणाली में कम जानकारी होती है। काउंसलर छात्रों को इन आधुनिक अवसरों से परिचित कराते हैं। करियर को लेकर अनिश्चितता युवाओं में एंग्जायटी पैदा कर सकती है। एक स्पष्ट करियर रोडमैप मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपने लक्ष्यों पर बेहतर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं। काउंसलिंग केवल कोर्स चुनने तक सीमित नहीं है, यह छात्रों को रेज़्यूमे राइटिंग, इंटरव्यू की तैयारी और नेटवर्किंग जैसी स्किल्स सिखाकर उन्हें इंडस्ट्री के लिए तैयार करती है।