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The Haryana Story | श्रमिकों ने मांगें मनवाने के लिए तीसरे दिन हड़ताल कर काम रखा बंद, आईओसीएल द्वारा लिखित में मांगें मानने के बाद बनी सहमति

श्रमिकों ने मांगें मनवाने के लिए तीसरे दिन हड़ताल कर काम रखा बंद, आईओसीएल द्वारा लिखित में मांगें मानने के बाद बनी सहमति

श्रमिकों ने आज से काम पर लौटने का दिलाया आश्वासन

पानीपत रिफाइनरी की निर्माणाधीन परियोजना पी 25 में तीसरे दिन बुधवार को भी श्रमिकों ने अपनी मांगें मनवाने के लिए काम बंद कर हड़ताल जारी रखी। श्रमिकों ने आईओसीएल द्वारा लिखित में मांगें मानने के बाद वीरवार से काम पर लौटने का आश्वासन दिलाया है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए परियोजना के गेट नंबर 3 और 4 पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। बुधवार सुबह श्रमिक पी 25 परियोजना के गेट नंबर 3 पर एकत्रित होकर प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने श्रमिकों को समझाने की कोशिश की परंतु श्रमिक नहीं माने।  उसी समय कुछ श्रमिकों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। श्रमिकों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।

बेकाबू श्रमिक पत्थरबाजी कर गेट से बाहर निकल गए

बता दें कि सोमवार सुबह श्रमिक अपनी मांगें मनवाने के लिए पानीपत रिफाइनरी की निर्माणाधीन पी 25 परियोजना में एकत्रित होकर धरना प्रदर्शन करते हुए परियोजना के गेट से बाहर निकलकर रिफाइनरी के गेट नंबर 1 की और जाने लगे तो रिफाइनरी की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के जवानों ने गेट बंद कर उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया। जिससे गुस्साए श्रमिकों ने गेट के पास गाड़ियों में तोड़फोड़ शुरू कर दी थी और सीआईएसएफ जवानों पर पथराव शुरू कर दिया था।

मामले की सूचना मिलते ही डीएसपी राजबीर सिंह और सदर थाना प्रभारी नीरज दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले को शांत करवाने का प्रयास किया था। परंतु बेकाबू श्रमिक पत्थरबाजी कर गेट से बाहर निकल गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों को तैनात किया गया। पत्थरबाजी में सीआईएसएफ के कई जवान घायल हो गए थे। जवानों ने अपने बचाव के लिए 2 हवाई फायर करने पड़े थे।

कई मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव

रिफाइनरी परियोजना से निकलकर रिफाइनरी गेट पर धरना प्रदर्शन करते हुए श्रमिकों ने आरोप लगाते हुए बताया था कि ठेकेदारों और ठेकेदार कंपनियों द्वारा श्रमिकों का शोषण किया जाता है। इसके बारे में हम कई बार रिफाइनरी अधिकारियों को बता चुके हैं। परंतु हमारी समस्या का समाधान नहीं किया गया। इसके साथ ही रिफाइनरी निर्माणाधीन परियोजना के अंदर कई मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। जिस कारण श्रमिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

पीने के पानी और शौचालय की सुविधा नहीं

श्रमिकों ने बताया कि हमारी कई मुख्य मांगे हैं। जिसमें श्रमिकों के कार्य का समय 12 घंटे से घटाकर 8 घंटे किया जाए। ठेकेदारों द्वारा श्रमिकों को समय पर वेतन नहीं दिया जाता। परियोजना में श्रमिकों के लिए पीने के पानी और शौचालय की सुविधा नहीं है। इसके अलावा परियोजना में कैंटीन जैसी मुलभुत सुविधाएं नहीं हैं।

रिफाइनरी और नेफ्था प्लांट में भी हड़ताल पर रहे श्रमिक

बुधवार को श्रमिकों की हड़ताल का दायरा बढ़ गया। रिफाइनरी और नेफ्था प्लांट में भी कोई श्रमिक काम करने नहीं गया। पहले दो दिन पी 25 परियोजना में ही श्रमिकों द्वारा हड़ताल की जा रही थी। बुधवार को  रिफाइनरी, नेफ्था प्लांट और पी 25 परियोजना के अंदर कोई भी श्रमिक काम करने के लिए नहीं गया।

समस्या समाधान का लिखित में दिया आश्वासन

मामले की गंभीरता को देखते हुए इंडियन ऑयल के अधिकारियों ने इंडियन ऑयल के लेटर हैड पर श्रमिकों की समस्याओं के समाधान का लिखित में आश्वासन देने के बाद श्रमिक शांत हुए और वीरवार से काम पर लौटने का आश्वासन दिलाया। रिफाइनरी अधिकारी श्रमिकों की शर्त के अनुसार बुधवार शाम तक ही परियोजना के गेट नंबर 3 और 4 पर समस्याओं के समाधान के फ्लेक्स के साथ साथ श्रमिकों के लिए निर्धारित किए गए न्यूनतम वेतन की लिस्ट भी लगाएंगे।

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