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The Haryana Story | मुआवजे का विवाद : IMT रोजका मेव में ‘पक्का मोर्चा’ का ऐलान: 9 गांव सील, अलर्ट मोड में प्रशासन

मुआवजे का विवाद : IMT रोजका मेव में ‘पक्का मोर्चा’ का ऐलान: 9 गांव सील, अलर्ट मोड में प्रशासन

हरियाणा के नूंह जिले में आईएमटी रोजका मेव की 1600 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को लेकर किसानों का आंदोलन हुआ तेज

प्रतीकात्मक तस्वीर

हरियाणा के नूंह जिले में आईएमटी रोजका मेव की 1600 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। गुरुवार, 26 मार्च को 9 गांवों के किसान संगठनों की अहम बैठक के बाद अब किसानों ने वहां ‘पक्का मोर्चा’ लगाने का ऐलान कर दिया है। किसान आंदोलन के निर्णायक मोड़ पर पहुँचने के बाद जिला प्रशासन अलर्ट पर है। उपायुक्त अखिली पिलानी ने जिले में धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए क्षेत्र में लगभग 700 जवान तैनात किए गए हैं और 9 गांवों की बैरिकेडिंग कर रास्तों को सील कर दिया गया है। विशेष रूप से रूपाहेड़ी और महरौला गांवों की ओर जाने वाले रास्तों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

मामला 2010 में अधिग्रहित की गई 1600 एकड़ जमीन से जुड़ा

उल्लेखनीय है कि यह पूरा मामला 2010 में अधिग्रहित की गई 1600 एकड़ जमीन से जुड़ा है। किसानों का आरोप है कि उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला है। शुरुआत में मुआवजा ₹25 लाख प्रति एकड़ तय हुआ था, जिसे बाद में बढ़ाकर ₹46 लाख करने का आश्वासन दिया गया। किसानों का दावा है कि उन्हें अब तक केवल ₹21 लाख ही मिले हैं और शेष ₹25 लाख का भुगतान बकाया है। इस आंदोलन में मुख्य रूप से खेड़ली कांकर, महरोला, बड़ेलकी, कंवरसिका, रोजका मेव, धीरधुका, रूपाहेड़ी, खोड़ (भादली) और रेवासन गांव के किसान शामिल हैं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन सख्त

किसानों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे आईएमटी में चल रहे विकास कार्यों को आगे नहीं बढ़ने देंगे। प्रशासन ने बिना अनुमति भीड़ या जमावड़े पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है। बता दें कि किसानों की इस बैठक से पूर्व संभावित भीड़ और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। उपायुक्त अखिली पिलानी ने एहतियातन जिले में धारा 163 लागू कर दी है, जिसके तहत बिना अनुमति किसी भी प्रकार की भीड़ या जमावड़े पर रोक लगा दी गई है।पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह मजबूत कर दिया है। जिले के 9 गांवों में पूरी तरह बैरिकेडिंग कर दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। 

स्वास्थ्य और आपात सेवाओं को भी अलर्ट पर रखा गया

पक्का मोर्चा के ऐलान के बाद भी रूपाहेड़ी और महरौला गांव की ओर जाने वाले रास्तों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। करीब 700 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है, जबकि संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त जारी है। एसपी राजेश कुमार ने साफ कहा है कि सोशल मीडिया पर भी नूंह पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है और किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ट्रैफिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं, वहीं स्वास्थ्य और आपात सेवाओं को भी अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसानों द्वारा पक्का मोर्चा ऐलान के बाद किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी है, ताकि जिले में शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे।

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