केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की पहली महिला बटालियन स्थापित करने को मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य केंद्रीय बलों में महिलाओं की भूमिका को बढ़ाना है। उन महिलाओं के लिए सीआईएसएफ पसंदीदा विकल्प रहा है जो देश की सेवा करना चाहती हैं। बल में फिलहाल महिलाएं सात प्रतिशत हैं। सीआईएसएफ के एक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि ‘‘महिला बटालियन’’ के जुड़ने से देशभर में अधिक महत्वाकांक्षी युवा महिलाओं को बल में शामिल होने और राष्ट्र की सेवा करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। इससे सीआईएसएफ में महिलाओं को एक नयी पहचान मिलेगी।
सीआईएसएफ में महिलाओं को एक नई पहचान मिलेगी
उल्लेखनीय है कि देश में महिलाओं को सशक्त बनाने और राष्ट्रीय सुरक्षा में उनकी भूमिका बढ़ाने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए गृह मंत्रालय ने सीआईएसएफ की पहली महिला बटालियन की स्थापना को मंजूरी दी है।
सीआईएसएफ उन महिलाओं के लिए एक पसंदीदा विकल्प रहा है जो वर्तमान में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में राष्ट्र की सेवा करना चाहती हैं। सीआईएसएफ में महिला बलकर्मियों की संख्या 7 प्रतिशत से अधिक है। महिला बटालियन के गठन से देश भर की महत्वाकांक्षी युवा महिलाओं को सीआईएसएफ में शामिल होने और राष्ट्र की सेवा करने के लिए और प्रोत्साहन मिलेगा। इससे सीआईएसएफ में महिलाओं को एक नई पहचान मिलेगी।
भर्ती, प्रशिक्षण और मुख्यालय के स्थान के चयन के लिए तैयारियां शुरू
गौरतलब है कि सीआईएसएफ मुख्यालय ने नई बटालियन के लिए शीघ्र भर्ती, प्रशिक्षण और मुख्यालय के स्थान के चयन के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। प्रशिक्षण को विशेष रूप से डिजाइन किया जा रहा है, जिससे एक विशिष्ट बटालियन बनाई जा सके और बल की महिलाओं को वीआईपी सुरक्षा में कमांडो के रूप में, हवाई अड्डों की सुरक्षा, दिल्ली मेट्रो रेल सुरक्षा जैसे विविध कर्तव्यों स्थलों पर सुरक्षा सेवा प्रदान करने हेतु सक्षम बनाया जा सके। केंद्रीय गृह मंत्री की ओर से 53वें सीआईएसएफ दिवस समारोह के अवसर पर दिए गए निर्देश के पालन में बल में महिला बटालियन गठित करने के प्रस्ताव पर काम शुरू किया गया था।
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