हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने अपने कार्यालय में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों पर लगाए गए प्रतिबंध के कारण प्रभावित मजदूरों को सरकार द्वारा साप्ताहिक निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन मजदूरों के हितों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है।
बड़ी संख्या में मजदूरों की आजीविका प्रभावित हुई
यह निर्णय पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत लिया गया है, जिसमें एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता के गंभीर श्रेणी में पहुंच जाने के कारण ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) का चौथा चरण लागू किया गया था। इस चरण के तहत सभी निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इस प्रतिबंध के कारण बड़ी संख्या में मजदूरों की आजीविका प्रभावित हुई है।
साप्ताहिक निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा
अनिल विज ने कहा कि इन मजदूरों को सरकार की ओर से साप्ताहिक निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा, जिससे उनकी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि हम इन मजदूरों के साथ खड़े हैं और यह सुनिश्चित करेंगे कि उनकी आर्थिक कठिनाइयों को कम किया जा सके। यह भत्ता सीधे मजदूरों के बैंक खातों में डाला जाएगा।
श्रम मंत्री ने कहा कि श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देश दे दिये गए हैं कि वे इस योजना को जल्द से जल्द लागू करें और मजदूरों तक सहायता पहुंचाना सुनिश्चित करें। सरकार की इस पहल से हजारों निर्माण मजदूरों को राहत मिलेगी, जो प्रतिबंधों के कारण अपने काम से वंचित हो गए थे।
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