हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को जिला सोनीपत के गन्नौर स्थित एशिया की सबसे बड़ी 'इंडिया इंटरनेशनल फ्रूट एंड वेजिटेबल मार्केट' (आई.आई.एच.एम.) का दौरा कर सभी व्यवस्थाओं और निर्माण कार्यों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने मंडी प्रशासन, निर्माण कंपनी व जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रगति की समीक्षा की और निर्माण कार्यों में तेजी लाने व परियोजना को तय समयावधि में पूर्ण करने के दिशा-निर्देश दिए।
अब तक निर्माण कार्य का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा पूरा किया जा चुका
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना न केवल हरियाणा के किसानों बल्कि देशभर के फल, सब्जी, फूल, मछली,पोल्ट्री व डेयरी उत्पादकों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच दिलाने का सशक्त माध्यम बनेगी। यह मार्केट राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर स्थित है और इसकी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों से बेहतर कनेक्टिविटी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 220 करोड़ रुपये की लागत से 544 एकड़ 2 कनाल भूमि अधिग्रहण कर इस परियोजना की शुरूआत की गई थी, जिसकी कुल लागत 2,595 करोड़ रुपये आंकी गई है। अब तक निर्माण कार्य का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा पूरा किया जा चुका है और 689 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।
अंतरराष्ट्रीय मंडी में कुल 50 लाख वर्ग फीट का कवर एरिया होगा
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस अंतरराष्ट्रीय मंडी में कुल 50 लाख वर्ग फीट का कवर एरिया होगा, जिसकी क्षमता 20 लाख टन प्रतिवर्ष होगी। इसमें 14,907 कारों तथा 3,305 ट्रकों/ट्रॉलियों की पार्किंग की सुविधा होगी। साथ ही 17 मार्केटिंग एवं ट्रेडिंग शेड और 13 अन्य आधुनिक इमारतें भी तैयार की जाएंगी। उन्होंने निर्देश दिए कि संचालन समिति कार्य में तेजी लाए और किसानों को जल्द से जल्द इस परियोजना से लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने मंडी में सौर ऊर्जा को लेकर आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने अवगत कराया कि परियोजना के अंतिम चरण में 28 मेगावाट सोलर ऊर्जा की व्यवस्था की गई है।
मंडी से निकलने वाले वेस्ट वाटर का ट्रीटमेंट कर दोबारा उपयोग किए जाने के भी निर्देश दिए
इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षमता को और अधिक बढ़ाया जाए ताकि मंडी ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने रेनीवेल (पेयजल आपूर्ति) कार्य को शीघ्र आरंभ करने के निर्देश दिए ताकि मंडी में समय पर जल आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। उन्होंने सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने व मंडी से निकलने वाले वेस्ट वाटर का ट्रीटमेंट कर दोबारा उपयोग किए जाने के भी निर्देश दिए।
यह बागवानी मंडी न केवल आधुनिक विपणन प्रणाली का प्रतीक बनेगी, बल्कि...
नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस मंडी को विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त एक आदर्श बागवानी केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है, जो किसान हित में कार्य करे और कृषि आधारित निर्यात को बढ़ावा दे। निर्माण कंपनी को मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वे कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों सुनिश्चित करें। यह बागवानी मंडी न केवल आधुनिक विपणन प्रणाली का प्रतीक बनेगी, बल्कि किसानों की आय को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।