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The Haryana Story | आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स ने महापड़ाव के तहत सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन, लगाए गंभीर आरोप

आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स ने महापड़ाव के तहत सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन, लगाए गंभीर आरोप

बोलीं - भाजपा सरकार देश की लाखों आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स के साथ बड़ी धोखेबाजी और उनकी मेहनत की लूट कर रही

करनाल में आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स ने प्रदर्शन किया। इस दौरान रोजगार और न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपए देने की मांग की। मजदूर विरोधी चारों लेबर कोड्स को रद्द करने के लिए आवाज बुलंद की।उन्होंने कहा कि देश भर में केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा सांसदों के कार्यालयों पर आईफा के आह्वान पर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसके चलते आंगनवाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन हरियाणा के आह्वान पर सोमवार को करनाल में प्रदर्शन किया गया और सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की गई।

सिफारिश किए हुए एक दशक से अधिक समय बीत चुका

आशा वर्कर यूनियन राज्य की प्रधान सुनीता ने कहा कि भाजपा सरकार देश की लाखों आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स के साथ बड़ी धोखेबाजी और उनकी मेहनत की लूट कर रही है। यह लूट आंगनबाड़ी के साथ ही देश की 1 करोड़ स्कीम वर्कर्स आशा, मिड डे मील के साथ भी कर रही है। उन्होंने कहा कि साल 2025 में आईसीडीएस ने 50 वर्ष, एमडीएम योजना ने 30 वर्ष और एनएचएम ने 20 वर्ष पूरे किए हैं। 45वीं भारतीय श्रम सम्मेलन द्वारा स्कीम वर्कर्स को नियमित करने, न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा की सिफारिश किए हुए एक दशक से अधिक समय बीत चुका है। इस बीच भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को ग्रेच्युटी देने का आदेश दिया है। 

डिजिटलीकरण के नाम पर सरकार इन योजनाओं के हकदारों को समाप्त करने में लगी

सरकार ने मार्च 2025 की शुरुआत में ही आशा वर्कर्स के निश्चित वेतन में वृद्धि की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है। डिजिटलीकरण के नाम पर सरकार इन योजनाओं के हकदारों को समाप्त करने के पागलपन में लगी हुई है। बजट कटौती और वेतन का भुगतान न होना आम बात हो गई है। इन योजनाओं में सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए आवंटन भी लंबे समय से नहीं बढ़ाया गया है। सरकार न्यूनतम वेतन नहीं बढ़ा रही। चार लेबर कोड्स को लागू करना देश के मजदूरों और कर्मचारियों के साथ भारी विश्वासघात है 

यूनियन नेता ने मांग की कि

  • वर्कर्स और हेल्पर्स के लिए न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपए लागू हो और वर्कर्स को तीसरे और हेल्पर्स को चौथे दर्जे का कर्मचारी बनाया जाए। 
  • हड़ताल के दौरान का टर्मिनेट वर्कर्स हेल्पर्स का मानदेय जारी हो, जींद की वर्कर सुमन की बहाली हो, फोटो कैप्चर बंद हो।
  • ग्रेच्युटी लाभ देने के कोर्ट के निर्णयों को केंद्र व राज्य सरकार लागू करे। 
  • हेल्पर और वर्कर्स की प्रमोशन 50 प्रतिशत हो ओर खाली पड़े पदों पर तुरंत भर्ती की जाए, ग्रेच्युटी लाभ दिया जाए।
  • मंत्री से मांग की कि प्ले वे स्कूल तथा क्रेच कम आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए वर्कर्स और हेल्पर्स को ग्रेड दिया जाए।
  • आंगनवाड़ी वर्कर को तीसरे व हेल्पर को चौथे दर्जे का कर्मचारी बनाया जाए।
  • रिटायरमेंट के बाद कम से कम 12000 रुपए पेंशन लागू हो।
  • वर्कर्स और हेल्पर्स को ग्रेच्युटी सहित सभी प्रकार के सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान किया जाए।
  • वर्कर से सुपरवाइजर और हेल्पर्स से वर्कर्स की पदोन्नति वरिष्ठता के आधार पर की जाए, यह 25 की बजाय 50 प्रतिशत हो।
  • आंगनवाड़ी वर्कर हेल्पर के दुर्घटना में निधन पर 5 लाख का मुआवजा व घायल पर इलाज हो।
  • प्ले वे स्कूल एवं क्रैच केन्द्रों में कार्यरत आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स को ग्रेड दिया जाए।
  • पोषण ट्रैकर-फेस, कैप्चर एप आदि डिजिटल माध्यमों से लाभार्थियों के लाभों में कटौती बंद हो।
  • आंगनबाड़ी वर्कर्स का ऑनलाइन कार्य के नाम पर उत्पीड़न बंद हो।
  • श्रमिक विरोधी चारों लेबर कोड्स को तुरंत वापस लिया जाए।
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