इस बारे में जानकारी देते हुए "हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण" के प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित की जाने वाली इस राष्ट्रीय लोक अदालत में चैक से संबंधित मामले ( एनआईएक्ट), धन वसूली मामले, आपराधिक मामले जिनमें कानूनी तौर पर समझौता किया जा सकता है (आपराधिक मिश्रित मामले), एक्सीडेंट क्लेम केस ( एमएसीटी), श्रम एवं रोजगार संबंधी विवाद, बिजली, पानी और अन्य बिल्स केस, वैवाहिक विवाद, रखरखाव के मामले, भूमि अधिग्रहण मामले, सेवाएं संबंधी मामले, राजस्व मामले तथा सिविल एवं आपराधिक मामलों की सुनवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति अपने मुकदमे को दूसरे पक्ष के साथ समझौते के माध्यम से लोक अदालत द्वारा निपटाना चाहते हैं, वे अपना मुकदमा, जिस न्यायालय में लंबित है, उस न्यायालय में 7 मार्च 2025 तक किसी भी दिन ( अवकाश को छोड़कर ) जाकर अपने मामले पर विचार करवा सकते हैं। उसका निस्तारण 8 मार्च 2025 को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी समझौते के आधार पर किया जाएगा। प्रवक्ता ने यह भी बताया कि अपने मुकदमे को राष्ट्रीय लोक अदालत में निपटाने का इच्छुक व्यक्ति अधिक जानकारी के लिए निकटतम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से सम्पर्क कर सकता है।
related
आईपीएस अधिकारी आत्महत्या मामले में बढ़ सकती है सरकार की टेंशन, आरपार की लड़ाई और मांगों पर अड़ा परिवार
आईपीएस अधिकारी आत्महत्या मामला : चार दिन बाद भी नहीं हुआ शव का पोस्टमार्टम, आईएएस पत्नी ने FIR पर जताया एतराज