हरियाणा के सिरसा से निर्दलीय विधायक, भाजपा हिसार लोकसभा प्रत्याशी रणजीत चौटाला को इस्तीफे मामले को लेकर मंगलवार को हरियाणा विधानसभा में पहुंचना था, लेकिन वो नहीं पहुंचे। उल्लेखनीय है कि उनके इस्तीफे मामले को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए बुलाया था। अब उनको फिर से 30 अप्रैल को बुलाया गया है। गौरतलब है कि उनका इस्तीफ अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है।
चौटाला पिछले महीने भाजपा में शामिल हो गए थे
विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने बताया कि कैबिनेट मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने 24 मार्च को अपना इस्तीफा मैसेंजर के जरिए भेजा था। उन्हें व्यक्तिगत रूप से बुलाने का मकसद यह था कि उनके इस्तीफे का सत्यापन किया जाए, लेकिन रणजीत चौटाला ने आज कारण बताते हुए कहा कि वह आज व्यक्तिगत कारणों से नहीं आ सकते हैं, उन्हें 30 अप्रैल को दोबारा बुलाया गया है। रणजीत चौटाला पिछले महीने भाजपा में शामिल हो गए थे। उसके बाद भाजपा ने उन्हें हिसार लोकसभा सीट से उम्मीदवार घोषित कर दिया।
सदन की अयोग्यता से बचाना है तो इस्तीफा स्वीकार करना होगा
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि विधानसभा स्पीकर द्वारा रणजीत चौटाला का इस्तीफा अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है। उनके अनुसार, अगर रणजीत को सदन की अयोग्यता से बचाना है, तो स्पीकर को उनका इस्तीफा स्वीकार करना होगा। वहीं ज्ञान चंद गुप्ता ने रणजीत चौटाला के इस्तीफे के मामले में कहा कि रणजीत को 23 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से सामने आने के लिए कहा गया है। उनके अनुसार उन्हें सत्यापित करना है कि उनका इस्तीफा किसी दबाव या मजबूरी में नहीं भेजा गया है। व्यक्तिगत रूप से सामने आने के बाद हम चीजें स्पष्ट करेंगे।
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